उत्तर प्रदेश

UP इंटरनेशनल ट्रेड शो में रुहेलखंड की बड़ी भागीदारी जरी-जरदोजी से मेंथा तक दिखेगा हुनर

Kavita2
23 Sept 2026 5:36 PM IST
UP इंटरनेशनल ट्रेड शो में रुहेलखंड की बड़ी भागीदारी जरी-जरदोजी से मेंथा तक दिखेगा हुनर
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बरेली। उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में रुहेलखंड मंडल बड़ी भागीदारी के लिए तैयार है। ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 (UPITS 4.0) में बरेली मंडल के पारंपरिक हस्तशिल्प के साथ औद्योगिक उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के विजन के तहत बरेली मंडल के उद्यमियों और कारीगरों को इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। बरेली की जरी-जरदोजी, पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी और शाहजहांपुर की कारीगरी मेले में आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है। इनके साथ मेंथा, फार्मा, बांस-बेंत और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों से जुड़े उद्यम भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।

मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार के मुताबिक, सरकार की मंशा छोटे उद्यमियों और स्थानीय कारीगरों को सीधे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने की है। इसी उद्देश्य से नए निर्यातकों से लेकर पहले से स्थापित निर्यातकों तक को अलग-अलग मंडपों में स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। इससे ऐसे उद्यमियों को भी बाजार तलाशने का मौका मिलेगा, जिनके उत्पाद स्थानीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं लेकिन अभी अंतरराष्ट्रीय बाजार तक उनकी पहुंच सीमित है।

UPITS 2026 का यह चौथा संस्करण है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ट्रेड शो में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ घरेलू B2B और B2C खरीदारों को जोड़ने के लिए तीन स्तरीय मॉडल अपनाया गया है। आयोजन में MSME, ODOP, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्वास्थ्य, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों को जगह दी जा रही है।

रुहेलखंड की पहचान लंबे समय से अपने विशिष्ट हस्तशिल्प और उद्योगों के कारण रही है। बरेली की जरी-जरदोजी में कपड़ों पर महीन धागों और सजावटी सामग्री से की जाने वाली कारीगरी प्रमुख है। वहीं पीलीभीत में लकड़ी से जुड़े उत्पाद और पारंपरिक नक्काशी स्थानीय कारीगरों की पहचान हैं। शाहजहांपुर सहित मंडल के दूसरे जिलों में भी अलग-अलग तरह के हस्तशिल्प और लघु उद्योग संचालित हैं। ट्रेड शो के माध्यम से इन उत्पादों को एक ही मंच पर देश-विदेश के खरीदारों के सामने प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है।

इस बार जोर केवल पारंपरिक उत्पादों पर नहीं है। बरेली और आसपास के क्षेत्रों में विकसित मेंथा उद्योग, फार्मास्यूटिकल क्षेत्र, खाद्य प्रसंस्करण और बांस-बेंत से जुड़े उद्यमों को भी बाजार विस्तार का अवसर मिलने की उम्मीद है। UPITS के आधिकारिक फोकस सेक्टरों में मेडिकल और फार्मास्यूटिकल, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, हैंडलूम-हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और FMCG सहित कई उद्योग शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का बड़ा उद्देश्य उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित न रहकर खरीदारों, निर्माताओं, निर्यातकों और निवेशकों के बीच कारोबारी संपर्क स्थापित करना भी है। विदेशी खरीदारों को आकर्षित करने के लिए Hosted Buyer Programme भी रखा गया है। इसके जरिए पात्र अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए पहले से निर्धारित B2B बैठकें और नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बरेली मंडल के लिए इस तरह की B2B बैठकों को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छोटे कारोबारी आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों और विदेशी खरीदारों तक सीधे पहुंच बनाने में लागत और संपर्क जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं। एक ही मंच पर खरीदारों और निर्यातकों की मौजूदगी से उत्पादों के प्रदर्शन के साथ नए कारोबारी संपर्क और संभावित ऑर्डर हासिल करने का अवसर मिल सकता है।

UPITS के पिछले संस्करण में भी बड़ी संख्या में देश-विदेश के खरीदार और उद्यमी शामिल हुए थे। आधिकारिक UPITS वेबसाइट के मुताबिक, 2025 के आयोजन में 2,228 प्रदर्शक और 85 देशों के 525 अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल हुए थे। आयोजकों का कहना है कि इस दौरान 2,400 से अधिक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए और ₹11,200 करोड़ से अधिक की व्यावसायिक पूछताछ दर्ज की गई।

2026 के आयोजन में भी उत्तर प्रदेश के निर्यात योग्य MSME और ODOP उत्पादों को वैश्विक खरीदारों के सामने प्रमुखता से रखने की योजना है। आधिकारिक विवरण के अनुसार ट्रेड शो का उद्देश्य प्रदेश को एक बड़े ग्लोबल सोर्सिंग हब के रूप में प्रस्तुत करना और स्थानीय उद्यमों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है।

बरेली मंडल की भागीदारी के जरिए पारंपरिक हुनर और आधुनिक उद्योग दोनों को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा। जरी-जरदोजी और लकड़ी की नक्काशी जैसे हस्तशिल्प जहां रुहेलखंड की सांस्कृतिक और कारीगरी की पहचान सामने रखेंगे, वहीं मेंथा, फार्मा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्र मंडल की औद्योगिक क्षमता को प्रदर्शित करेंगे।

25 सितंबर से शुरू होने वाला पांच दिवसीय UP इंटरनेशनल ट्रेड शो स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए नए खरीदारों से संपर्क स्थापित करने का महत्वपूर्ण मंच होगा। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि रुहेलखंड के उद्यमी इस वैश्विक मंच से कितने कारोबारी संपर्क, ऑर्डर और नए निर्यात अवसर हासिल कर पाते हैं।

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